ग्रामीण अंचल में निवास करने वाली जनता जो अपने सर्वांगीण विकास के लिए सतत प्रयत्नशील रहते हुए एवं अपना सम्यक विकास चाहते हुए भी इस दिशा में अपने को विरत् महसूस कर रही थी ऐसा महसूस होता है| जिसकी पूर्ति हेतु क्षेत्रीय प्रबुद्धजीवी, राजनेता एवं स्वयंसेवी व्यक्तियों के सहयोग उनके परामर्श एवं दिशा निर्देशों के आधार पर विपाता गुलाब रानी इंटर कॉलेज, नौरंगा, कानपुर नगर की स्थापना का प्रबंध समिति के अग्रणी व कर्मठ तथा निष्ठावान समाजसेवी श्री गोरेलाल सविता एवं डॉक्टर राजकुमार आर्य ने मिलकर अपने माताओं स्वर्गीय श्रीमती विपाता एवं स्वर्गीय श्रीमती गुलाब रानी की यादगार में समर्पित विपाता गुलाब रानी इंटर कॉलेज, नौरंगा, कानपुर नगर की स्थापना वर्ष 2001 में की|
छात्रों के सर्वांगीण विकास की छिपी हुई आकांक्षा को प्रस्फुटित करने के उद्देश्य से सभी धर्मों एवं सभी समुदायों के धनी निर्धन एवं कमजोर वर्गों के छात्रों की विद्यालय में प्रवेश की व्यवस्था सुनिश्चित की गई उनके पठन-पाठन हेतु निशुल्क पाठ्य सहगामी क्रिया कलाप को हेतु उपकरण उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था की गई | सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले वातावरण को सुनिश्चित करने वाले कारक जैसे पुष्प वाटिका एवं शोभादार वृक्षों, फलदार वृक्षों व घास के मैदान आदि की व्यवस्था की गई| विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर को उत्तरगामी बनाने हेतु योग्य एवं अनुभवी शिक्षकों की व्यवस्था है|
विद्यार्थियों के प्रति अनुशासनात्मक प्रतिभा को निखारने हेतु व्यायाम शिक्षक की व्यवस्था है| विद्यालय की धुरी कहे जाने वाले सुयोग्य एवं अनुभवी प्रधानाचार्य “श्री विपिन चंद्र सचान” की देखरेख में विद्यालय निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है|

समस्त छात्र छात्राओं के अभिभावक की भूमिका निभाने वाले मेरे प्यारे देशवासियों व विद्यार्थियों, सभी के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए मेरी ओर से सभी को शुभकामनाओं के साथ शत-शत हार्दिक बधाई !
सुयोग्य एवं कर्मठ अध्यापकों की टीम के साथ अनुशासन प्रिय प्रधानाचार्य “विपिन चंद्र सचान” सभी को यह संदेश प्रसारित करना चाहते हैं कि सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले वातावरण से सुसज्जित विद्यालय “विपाता गुलाब रानी इंटर कॉलेज, नौरंगा, कानपुर नगर” में अपने नन्हे-मुन्ने बच्चों एवं भैया बहनों में छिपी हुई प्रतिभा को प्रस्फुटित करने के उद्देश्य से प्रवेश दिला कर लाभान्वित हों|
धन्यवाद
प्रधानाचार्य